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Motivational Story In hindi- कामयाब बनाने वाली कहानिया |

[su_heading]”1. Motivational Story In hindi- अमीर सेठ की कहानी |”[/su_heading]

नमस्कार दोस्तों में दिनेश राजपुरोहित आज आपको एक बहुत ही अच्छी प्रेरणा से भरी कहानी सुनाने वाला हु, जिसे आप पढ़ के ये जान पाएंगे की कभी कभी problem का हल हमारे आस पास ही होता है लेकिन हम उसको सब जगह तलाश करते है ,

अपनी एनर्जी को waste करते है |हम उस समस्या के हल के लिए बहुत से धन की हानि भी कर लेते है , लेकिन लास्ट में हमको ये पता चलता है की ये तो अकदम आसन था , बेकार में हमने अपने समय और पैसे को बर्बाद किया |

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इस कहानी से आपको यही सीख मिलेगी की जब भी कोई समस्या आये तो उसको आप शांत दिमाग से सोच समझ के हल करे , क्युकी जिन्दगी का दूसरा नाम हे समस्या है इसलिए ये तो आनी ही है |तो चलिए दोस्तों कहानी को सुरु करते है |

एक नगर में एक सेठ रहता था |सेठ बहुत धनवान था ,उसके पास पैसो की कोई कमी नहीं थी |बंगला गाडी , अच्छा व्यवसाय सबकुछ था उसके पास | उसको इस बात का बहुत घमंड था की वो बहुत धनवान है | कुछ समय के बाद सेठ को एक बीमारी हो जाती है |

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उस सेठ की आँखों में infection हो जाता है | और सेठ के लिए ये बहुत हे दर्दनाक था |सेठ doctor के पास जाता है और वो ये सोचता है की डॉक्टर इसका इलाज कर देगा | डॉक्टर ने सेठ का checkup किया और सेठ को बोला – सेठजी आपको एक बहुत ही दुर्लभ बीमारी है ,

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इस बीमारी से छुटकारा पाने के लिए आपको एक उपाय करना होगा और केवल इसी उपाय से आपकी आँखों का infection ठीक हो सकता है |

सेठ ने बोला -ठीक है डॉक्टर साहब आप जल्दी से वो उपाय मुझे बता दीजिये |

डॉक्टर – सेठजी आपको सिर्फ हरा colour ही देखना है ,अगर आप कोई दूसरा colour देखेंगे तो आपकी आँखों में जलन होगी और आपकी समस्या और ज्यादा होगी |

इतना सुनते ही सेठ ने अपनी समस्या का निजात पाने के लिए प्रयास करने चालू कर दिए |सेठ ने अपने सभी नोकरो को बुलाकर कहा -मेरे सामने की सभी चीजो को हरा कर दो ,सेठ ने बहुत पैसा खर्च किया अपने इलाज में |लेकिन सभी चीजे हरी नही हो सकती ,

जैसे आप उपर देखोगे तो आसमान आपको नीला ही दिखाई देगा , अगर वो रोटी खायेगा तो खाना हरा नहीं हो सकता , वो अगर अपने शरीर की तरफ देखेगा तो वो भी हरा नहीं होगा |

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इस तरह सेठ अपने बहुत से पैसे लगा रहा था सबको हरा करने के लिए | एक दिन वह से एक बुद्धिमान आदमी वह वह से गुजरता है और गाव वालो से पूछता है यहाँ सब हरा क्यों है तो एक आदमी बोलता है , यहाँ एक सेठ है जो बहुत धनवान है

लेकिन उसको एक बीमारी हो गयी है आँखों में जिससे वो only हरा कलर ही देख सकता है , अगर कोई दूसरा कलर देखेगा तो उसकी बीमारी ज्यादा बड़ी हो जाएगी ,इसलिए उसने सबकुछ हरा करवा दिया है |

उस बुद्धिमान आदमी ने बोला – ये समस्या तो अकदम सरल तरीके से हल हो सकती थी , इसके लिए इतना पैसा लगाने की क्या जरुरत है ? इतना बोलकर उसने पूछा वो सेठ कहा रहता है?

गाव वालो ने उसको रास्ता बता दिया | वो सीधा सेठ के पास गया और बोला- सेठजी आप सबकुछ हरा देखने के लिए कितने पैसे लगा रहे है जबकि ये समस्या तो बहुत ही आसानी से और बहुत कम पैसो में हल हो सकती है |

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सेठ बोला – ये कैसे संभव है ? आदमी ने बोला सेठ जी आप सबकुछ हरा देखना चाहते तो इसके लिए सबकुछ आप हरा नहीं कर सकते , लेकिन आप एक अच्छा हरे कलर का चश्मा लेलो जिससे आपकी समस्या का हल आसानी से हो जायेगा |

ये सुनकर सेठ बोला – अरे हा भाई ये तो मेरे दिमाग में आया ही नहीं | में ऐसे ही फालतू में अपने पैसे बर्बाद कर रहा था | सेठ ने उस आदमी को धन्यवाद् दिया |

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शिक्षा – हमें अपनी समस्याओ को जल्दबाजी में हल नहीं करनी चाहिए , पहले थोडा सोच विचार करना चाहिए |

[su_heading]2. बाप और बेटे की कहानी | Motivational Story In hindi- [/su_heading]

एक नगर में एक मूर्तिकार और उसका एक बेटा रहता था | वो दोनों मूर्ति बनाने का कम करते थे | लेकिन बाप को पता नहीं बेटे से क्या problem थी वो हमेशा अपने बेटे की बनाई मूर्तियों में कुछ न कुछ कमी निकल ही देता था , और बेटा उस कमी को दूर करने में लग जाता था |

बहुत दिनों तक ऐसा ही चलता रहा | बेटा हमेशा मुर्तिया बनाता और बाप आकर रोज की तरह कमी निकल के चला जाता | धीरे धीरे बेटे की बनाई मूर्ति बाप से ज्यादा दाम में बिकने लगी |क्युकी बेटा हर बार मूर्ति में कुछ न कुछ नया कर देता था |

लेकिन अब बेटे को अपनी बाप की कमी निकालने वाली आदत बिलकुल पसंद नही आ रही थी | वो सोच रहा था मेरी मूर्ति की कीमत मेरे बाप से ज्यादा है फिर भी वो हमेशा कमी निकालते है , इस बार जब बाप ने कमी निकाली तो बेटे ने बाप के सामने बोला- मेरी मूर्ति की कीमत आपकी बनाई मूर्ति से कही अधिक है अगर आपकी हिम्मत है तो आप मेरे से ज्यादा दाम लेके दिखाए फिर आप कमी निकाले वरना मुझे नहीं बोले |

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इतना सुनकर बाप ने इसके बाद उसको कुछ नहीं बोला | थोड़े दिनों बाद बेटे की बनाई मूर्ति के दाम गिरने लगे | उसकी बनाई मूर्ति अब लोगो को उतनी पसंद नहीं आ रही थी | वो परेशान रहने लगा |

एक दिन उसने अपने पिता से जाके पूछा और सब बताया | पिता ने बहुत ही सुन्दर उतर दिया – बेटा में जब भी तुझे मूर्ति में कमी बताता था तब तू उस कमी को दूर करता था और कुछ नया कर देता था | लेकिन अब तू समझ रहा है तुझे अब कोई कमी नहीं लग रही , तूने अपने काम को पूरा मान लिया है | इसलिए तू उसमे कुछ नयापन नहीं ला पा रहा है , ग्राहक को हमेशा नया चाहिए |इसलिए में रोज तेरी बनाई मूर्ति में कमी निकालता था |

ये सुनकर बेटे की आँखों में आंसू आ गए | और वो अपने बाप से क्षमा मांगने लगा |

शिक्षा – हमें हमेशा अपने काम को कभी पूर्ण नहीं समझना चाहिए , उसमे रोज कुछ न कुछ नयापन लाना चाहिये |

[su_heading]3. दुनिया की मत सुनो करो अपने मन की |” Motivational Story In hindi- [/su_heading]

एक बार एक आदमी गधे पे बैठकर एक एक शहर से दुसरे शहर जा रहा था | गधे पे बहुत सारा वजन रखा हुआ था , जैसे उसका समान , उसके खाने पिने की वस्तुए इत्यादी | इतने समान के साथ वो आदमी भी उसके ऊपर बेठा हुआ था |

रस्ते में वो एक गाव से गुजर रहा था |वो अपनी मस्ती में चल रहा था | उसको एक औरत ने देखा देखकर वो दूसरी पास खड़ी औरत से बोली – देखो ये आदमी कितना बेशर्म है , खुद गधे पे बेठा है और बेचारा गधा चल रहा है उपर से इसने इतना समान लाद रखा, कितना निर्दयी है ये आदमी |

ये सब बाते उस गधे पे बेठे आदमी के कानो में पड़ी | वो सोचने लगा बात तो ये सही कह रही है में अपने स्वार्थ के लिए इस बेचारे मूक जानवर को परेशान कर रहा हु | आगे जाकर वो आदमी गधे से उतरकर पैदल चलने लगा |

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चलते चलते वो आदमी आगे एक दुसरे गाव में पहुचा | वो चल रहा था तभी फिरसे उसके कानो में आवाज़ आई , वापस दो औरते बाते कर रही थी , ये आदमी कितना मुर्ख है इसके पास गधा होते हुए भी ये आदमी पैदल चल रहा है | दोनों औरते उसको देखके हस रही थी |

वो आदमी सोचने लगा बात तो इनकी भी सही है , मेरे पास गधा होते हुए भी में पैदल क्यों चल रहा हु | गधे का तो कम ही सामान को ढोना होता है | ऐसा सोचकर वो आदमी वापस गधे पे जाके बेठ गया |

इसलिए दोस्तों आप कभी भी कोई भी काम करो तो आप बहरे बन जाओ | क्युकी दुनिया तो गधे पे चड़ने वाले को , और पैदल चलने वालो दोनों को कोसती है |

शिक्षा – सुनो सबकी करो अपने दिल की | किसी भी काम करने में दुनिया के लिए बहरे बन जाओ और अपने काम को लगन के साथ करो |

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[su_heading]4.सीखना कभी बंद नहीं करे | Motivational Story In hindi- [/su_heading]

एक नगर में एक पेंटर रहता था | वो रोज पेंटिंग बनाता था और शाम को जाके उसको बेच देता था | ये इसका पुरे दिन का routine बन गया था | वो रोज ऐसे ही करता था रोज पुरे दिन पेंटिंग को बनाना और शाम को बेच देना | ऐसा करके वो महीने का 10000-13000 तक कमा लेता था |

थोड़े दिनों बाद उस पेंटर की तबियत थोड़ी ख़राब सी रहने लगी |वो काफी बुढा हो गया था | उसमे वो अभी पहले वाली ताकत नहीं रही थी | एक दिन वो बेठे बेठे सोच रहा था की अगर वो मर गया तो ये पेंटिंग का हुनर उसके साथ ही चला जायेगा | और उसके परिवार का भरण पोषण कैसे होगा ?इसलिए उसने सोचा ये हुनर अपने बेटे को सिखा देता हु ताकि उसके जाने के बाद वो इसको आगे बढ़ाएगा |

बाप ने बेटे को बुलाया और उसको अपने पेंटिंग के हुनर की शिक्षा देनी चालू की | काफी समय तक शिक्षा लेने के बाद बेटे ने अपनी पहली पेंटिंग बनाई और उसको बेचने गया , जब वापस आया तो उसको 100 rupee मिले |बाप बहुत खुश था , लेकिन बेटे के चेहरे पे उदासी साफ़ दिखाई दे रही थी | जब बाप ने पूछा तब बेटे ने बोला – पिताजी आप तो पेंटिंग को 500 में बेचते थे, आपने मुझे पूरा नहीं सिखाया ?

बाप ने वापस बेटे को सिखाना चालू किया | सिखने के बाद बेटे ने फिरसे दूसरी पेंटिंग बनाई और उसे बेचने निकला |जब शाम को वापस आया तब इस बार उसके पास 200 थे |लेकिन फिर भी वो बेटा खुश नहीं था | उसने फिरसे पिताजी को बोला – आप मुझसे कुछ छुपा रहे है ,अभी भी में 500 में अपनी पेंटिंग को नहीं बेच पाया हु |

पिता ने उसको वापस से सिखाना चालू किया | बेटे ने वापस सिख कर एक पेंटिंग बनाई | और वो बेचने गया | जब वापस आया इस बार बेटा बहुत खुश था | इस बार उसने पेंटिंग को 800 में बेच दिया |

बाप ने बेटे से कहा चल बेटा अभी में तुझे 1000 में कैसे बेचे ये सिखाता हु | तब बेटे ने जवाब दिया पिताजी आप अभी मुझे क्या सिखाओगे आपने अपनी जिन्दगी में 500 से ज्यादा की पेंटिंग बेचीं नहीं और मैंने 800 की बेच दी , आप मुझे क्या सिखाओगे ?

तब बाप ने जवाब दिया बेटा अब तुम पेंटिंग को कभी 1000 में नहीं बेच पाओगे , क्युकी तुमने सीखना बंद कर दिया है | पहले जब तुम्हारी पहली पेंटिंग 100 में बिकी तब घर आकर तुमने इसे २०० में बेचने का तरीका सिखा , इसके बाद तुमने इसे और अधिक में बेचने का तरीका सिखा |

लेकिन अभी तुमने सीखना बंद कर दिया तुम्हारे अंदर अहम आ गया है इसलिए अभी तुम इससे आगे नहीं जा सकते हो | इसलिए दोस्तों हमें अपने जीवन में हर रोज कुछ न कुछ नया सीखना चाहिए | क्युकी एक बार गया हुआ समय कभी वापस नहीं आता |

शिक्षा – हर रोज कुछ न कुछ नया सीखे |

[su_heading]5. अपना धयान लक्ष्य पर रखे | Motivational Story In hindi- [/su_heading]

एक गाव में एक लड़का रहता था | वो हमेशा धयान करता था और दुसरे लोगो को भी बोलता था की आप सभी धयान करे | एक दिन लड़का एक जंगले में जाता है अपना धयान करने के लिए |

वो जंगले में एक पेड़ के निचे बैठकर अपना धयान लगा रहा था | उस जंगले में एक औरत बहुत ही ख़ुशी में नाचती हुई उस लड़के की तरफ आ रही थी |

लेकिन लड़का तो अपने ध्यान में था , परन्तु उसको पता सब चल रहा था की वो औरत गाती नाचती हुई उसकी तरफ आ रही थी | लेकिन वो आँखे नहीं खोल सकता था क्युकी वो धयान में था | आँखे खोलता तो उसकी अवस्था भंग हो जाती और meditation ठीक से नहीं हो पता|

वो औरत अकदम उसके पास से निकली| उस लड़के से अपना पूरा धयान ख़त्म करके उस औरत को आवाज़ दी | औरत आई और उसने औरत से बोला – आपने मेरी धयान अवस्था में विघ्न डाला है | क्या आपको पता नहीं था में धयान कर रहा था ? या आपने जानबूझ के ये किया है , या आपसे अनजाने में हुआ है |

तब उस औरत ने बहुत सुन्दर जवाब दिया – मुझे आज मेरे प्रेमी ने मिलने के लिए इसी जगह बुलाया था , और में उस ख़ुशी में इतनी मग्न थी की मुझे आप दिखाई नहीं दिए | लेकिन आप भी धयान कर रहे थे तो आप ध्यान अपने कम पे होना चाहिए आपका मन आपके धयान में लगा होना चाहिए | लेकिन आप तो आस पास सब कुछ सुन रहे थे

और महसुसू कर रहे थे इसका मतलब आपने मन से धयान नहीं किया | दोस्तों इस कहानी से हमें ये सिखने को मिलता है की हमें अपने कम को हमेशा सच्ची श्रधा के साथ मन लगा कर करना चाहिए | आस पास की बातो में धयान नहीं देना चाहिए | हमेशा हमें बस अपना लक्ष्य दिखाई देना चाहिए |

शिक्षा – हमेशा अपने लक्ष्य पे focus रखे |

[su_heading]6. निरंतर प्रयास करते रहे | Motivational Story In hindi[/su_heading]

रमेश नाम का एक लड़का एक गाव में रहता था | उसको merathon में दोड़ने का बहुत शौक था , लेकिन वो आज तक किसी merathon को पूरा नहीं कर सका था |उसमे मन में एक लक्ष्य था एक बार merathon को पूरा करना है |

कुछ दिनों बाद एक merathon का आयोजन हुआ | जब रमेश को पता चला तो उसने उसके लिए तैयारी करनी चालू करदी| सुबह जल्दी उठ के दोड़ना, खान पान पे धयान देना चालू कर दिया ,क्युकी इस बार उसे ये merathon जितनी थी |

ऐसा करते करते merathon का दिन भी नजदीक आ गया | और बन्दूक की एक गोली की आवाज़ के साथ merathon का आगाज हो गया | रमेश फुल speed से दोड रहा था | काफी समय तक दोड़ने के बाद रमेश को लगने लगा अब वो आगे नहीं दोड पायेगा उसका शरीर जवाब दे रहा था | रमेश ने अपने आप को समझाया की तू दोड नहीं सकता तो जॉगिंग तो कर सकता है न |

तो अब रमेश jogging करने लग जाता है | थोड़ी देर जॉगिंग करने के बाद रमेश गिर जाता है उसके पैर की नसे फूलने लग जाती है , और वो सीधे चल नहीं पा रहा था | उसने फिरसे अपने आप को समझाया – रमेश अगर तू सीधा नहीं चल नहीं सकता तो ,

लंगड़ा के तो चल सकता है और इस तरह से रमेश लंगड़ा के चलता है और merathon को पूरा करता है | उसका सालो का सपना आज पूरा हो जाता है |

इसलिए दोस्तों कहा जाता है की किसी काम को ऐसे करो की काम भी बोले” अब तो बस कर भाई “| सच्ची निष्ठा के साथ और लगातार किया गया काम आपको जरुर सफल बनता है | मुश्किले तो आती जाती रहती है , इनसे डरना मतलब लक्ष्य से भटकना है |

शिक्षा – लक्ष्य की तरफ निरन्तरता के साथ बढ़ते रहे |

[su_heading]7. कुछ पाने के लिए कुछ खोना पड़ता है | Motivational Story In hindi-[/su_heading]

एक बार एक लड़का था वो बहुत गरीब था | वो जब भी घर पे कुछ खाने का सामान लेके आता एक चूहा उसको खा जाता | रोज ऐसा ही चलता था , लड़का काफी परेशान हो गया |एक दिन लड़के ने उस चूहे को पकड़ लिया और उससे पूछा की तू मेरा रोज खाना क्यों खा लेता है ?

तो उस चूहे ने जवाब दिया तेरे भाग्य में कुछ नहीं है | तू कुछ नहीं लिखा के लाया है | ये सुनकर लड़का दुखी हो गया | उसने चूहे से पूछा की अब वो क्या करे ? चूहे ने बोला – तुम भगवन बुध के पास और उनसे अपने भाग्य के बारे में पूछो |

लड़का अपना कुछ समान लेके निकल गया भगवन बुद्ध से मिलने | रस्ते में उसे एक हवेली दिखाई दी , रात भी बहुत हो चुकी थी तो उसने सोचा क्यों न रात इस हवेली में निकाली जाये | वो हवेली में चला गया |

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हवेली के मालिक ने पूछा तुम कहा जा रहे हो , लड़का बोला में भगवन बुद्ध से मिलने जा रहा हु | मालिक ने कहा – तुम वहा जा रहे हो तो भगवान् से मेरा एक सवाल पूछना – मेरी बेटी जो गूंगी है उसकी आवाज़ वापस कब आएगी |लड़के ने कहा ठीक है और रात को सोके सुबह निकल गया |

आगे उसको ऊँचे पहाड़ मिले , वहा उसको एक जादूगर मिला ,उसके हाथ में एक छड़ी थी |उसने पूछा कहा जा रहे हो, तो उसने वापस बताया भगवन बुद्ध से मिलने जा रहा हु | जादूगर बोला मेरा एक सवाल उनसे जरुर पूछना ,

में यहाँ पिछले 100 वर्षो से तपस्या कर रहा हु , मुझे स्वर्ग कब मिलेगा ? लड़के ने बोला ठीक है |जादूगर ने उसको अपनी छड़ी से उसको पहाड़ पार करवा दिए |

जब वो आगे गया तो उसे समुन्द्र दिखाई दिया ,वहा एक बड़ा कछुआ भी था | उसने उस लड़के से पूछा कहा जा रहे हो , तो लड़के ने वही उतर दिया जो जादूगर और उस हवेली के मालिक को दिया |

इस पर उस कछुए ने बोला – तुम मेरा एक सवाल भगवन से पूछना की में कब उड़ पाउँगा | लड़के ने वापस हामी भर दी | कछुए ने उसे अपने उपर बिठा के समुन्द्र को पार करवा दिया |

लड़का अब भगवन बुद्ध के पास पहुच चूका था | भगवन ने कहा में तुम्हारे सिर्फ 3 सवालो के जवाब दे पाउँगा | लड़का बड़ी दुविधा में पड़ गया अब उसके पास 4 सवाल थे लेकिन 3 ही पूछ सकता था |

उसने सोचा 3 सवालो के सामने मेरी समस्या कुछ भी नहीं है इसलिए उसने सोचा में अपना सवाल छोड़ जो की उसके भाग्य के बारे में था उसे छोड़ दिया |और बाकि सवाल पूछने लगा | सबसे पहले उसने कछुआ वाला सवाल पूछा- भगवन बुद्ध ने बोला कछुए को अपनी खोल को छोड़ना पड़ेगा उसके बाद वो उड़ पायेगा |

फिर दूसरा सवाल पूछा उसके जवाब में भगवान् बोले – उस जादूगर को अपनी छड़ी को छोड़ना पड़ेगा उसके बाद वो स्वर्ग में जा सकेगा | और तीसरे सवाल के जवाब में भगवान् बोले – उस लड़की को पति मिल जायेगा तब वो बोलने लगेगी |

तीनो सवालो का जवाब लेकर वो लड़का वापस रवाना हुआ | रस्ते में वोही कछुआ मिला ,उसने अपने सवाल का जवाब पूछा तो लड़के ने जवाब दिया -तुमको अपने खोल को त्यागना पड़ेगा उसके बाद आप उड़ पाएंगे | कछुए ने खोल उतरा उसमे से एक मोती निकला जो लडको को दे दिया और वो उड़ गया |

लड़का आगे गया ,आगे उसे वो जादूगर मिला , उसने जादूगर के सवाल का जवाब देते हुआ कहा , तुम्हे ये छड़ी को छोड़ना पड़ेगा |जादूगर ने छड़ी उस लड़की को दे दी और वो स्वर्ग चला गया |

आगे लड़का उस हवेली में पंहुचा , उस लड़के को देखके लड़की ने बोला आप वोही हो न जो उस दिन हमारे यहाँ रुके थे | तो दोस्तों इस तरह सबको सबकुछ मिल गया | कछुआ को उड़ान , जादूगर को स्वर्ग ,और उस लड़की को पति और उस लड़के को सब मिल गया |

दोस्तों इस कहानी से हमें ये सिख मिलती है की आदमी को हमेशा अपने comfort zone से बहार निकलना चाहिए , क्युकी आप comfort zone में रहकर सफलता को प्राप्त नहीं कर सकते है | सबने अपना कुछ न कुछ खोकर अपनी मंजिल प्राप्त की इसी तरह आपको भी कुछ त्याग करना पड़ेगा |

शिक्षा – कुछ खोकर ही सफलता को प्राप्त किया जा सकता है , हमेशा अपने comfort zone से बाहर निकल कर काम करे |

[su_heading]8.आपका छोटा सा प्रयास किसी को बहुत कुछ दे सकता है |[/su_heading]

एक आदमी समुन्द्र किनारे चल रहा था | उसने देखा एक आदमी समुन्द्र किनारे से कुछ उठा के समुन्द्र के पानी में डाल रहा था | उस आदमी ने उसके पास जाकर उसे पूछा -आप ये क्या कर रहे है ?

उस आदमी ने जवाब दिया – समुन्द्र में ज्वार आने के कारण मछलिया समुन्द्र किनारे आ गयी है | और धूप भी बहुत तेज है , ज्यादा देर तक ये अगर बाहर रहेगी तो मर जाएगी |

उसने देखा समुन्द्र किनारे तो बहुत सी मछलिया पड़ी थी , उसने पूछा आप इस तरह से सबको अंदर नहीं डाल पाओगे | यहाँ तो हजारो है और आप अकेले है , ये संभव नहीं है | इससे तो आप कुछ ही मछलियों को फायदा पंहुचा पाएंगे |

आदमी ने जवाब दिया – उसने एक और मछली उठाई ,और समुद्र के अंदर डालते हुए बोला इसका फायदा मछली को हो चूका है | दोस्तों इस कहानी से यही सिख मिलती है की हमें किसी की मदद के लिए छोटी -छोटी कोशिश करते रहे ,

आपकी एक छोटी सी कोशिश किसी के लिए बहुत बड़ी मदद हो सकती है | आपने वो कहावत तो सुनी होगी बूँद बूँद से घड़ा भरता है | ये कहावत इस कहानी पे अकदम फिट होती है |

शिक्षा – आपकी छोटी छोटी मदद किसी को जीवनदान दे सकती है |

[su_heading]9. विपरीत परिस्थिति में सोच समझ कर काम लेना चाहिए motivational story in hindi|[/su_heading]

एक घर में चूल्हे पर एक pan में पानी गर्म हो रहा था |अचानक से उसमे एक मेंढक गिर जाता है | मेंढक की एक विशेषता होती है , वो अपने शरीर के तापमान को वातावरण के हिसाब से adjust कर लेता है |

जब पानी गर्म होने लगता है ,तो मेंडक भी अपना तापमान बढ़ा लेता है | लेकिन जब पानी बहुत ज्यादा गर्म होने लगता है तब एक सीमा के आगे मेंडक अपना तापमान नहीं बढ़ा पता , वो pan से बाहर आने की कोशिश करता है लेकिन वो अपनी सारी शक्ति को तापमान को संतुलित करने में को दी अब वो बाहर निकलने के लिए शक्ति नहीं लगा पा रहा है और वो मर जाता है |

इस कहानी से हमें यही सिख मिलती है की हमें सही समय पर सही निर्णय लेना चाहिए | अगर मेंडक ने अपनी शक्ति को तापमान adjust करने में नहीं लगता और अगर वो बहार निकलने की कोशिश करता तो शायद आज वो जिन्दा होता |

शिक्षा सही समय पे सही निर्णय लेने से आप सही रास्ते पे जाते है , गलत निर्णय आपके लिए समस्या उत्पन करता है |हमेशा सही और सोच समझ कर निर्णय ले |

[su_heading]10.कभी आलस नहीं करे motivational story in hindi [/su_heading]

एक नगर में विनोद और कैलाश नाम के दो दोस्त रहते थे | वे दोनों बहुत आलसी थे , कुछ काम नहीं करते थे और पूरा दिन आलस में सोते रहते थे | घर वाले सब इन दोनों से बहुत परेशान थे |

एक दिन दोनों अपने खेत जा रहे थे , रास्ते में उन्हें एक आम का पेड़ मिला , दोनों ने ठंडी छाव देख के आराम करने का सोचा | दोनों पेड़ के निचे बेठ गए | थोड़ी देर बाद पेड़ से एक आम उन दोनों के बिच में गिरता है ,

दोनों आम को देखते है लेकिन दोनों आलसी होने के कारण कोई भी उसे उठाता नहीं है , तभी पास से राजा का मंत्री जा रहा होता है | उन्होंने मंत्री जी को बुलाया और बोला – मंत्री जी आप ये आम हमें हमारे हाथ में दे दो |

ये सुनकर मंत्री जी को थोडा अजीब सा लगा | उसने बोला – अरे ये तो तुम्हारे बिलकुल पास में पड़ा तुम दोनों इसे हाथ से लेते क्यों नहीं हो ?

विनोद बोला – मंत्री जी हम इसे नहीं ले सकते इसमे हमें बहुत मेहनत करनी पड़ेगी |

मंत्री जी को बहुत गुस्सा आ गया |वे बोले अरे आलसियों तुमसे इतना पास में पड़ा आम नहीं लिया जाता , तुम आगे अपनी जिन्दगी में काम कैसे करोगे ? इतना बोलकर वो मंत्री वहा से चला गया |

मंत्री सीधा उन दोनों की माँ के पास पंहुचा | उनसे पूरी बात बताई , माँ ने बोला – मंत्री जी हम सब उन दोनों से परेशान है , आप ही कुछ उपाय बताये |

मंत्री जी ने बोला – आप उन दोनों को कल राजमहल भेज देना |

विनोद और कैलाश दोनों सुबह राजमहल के लिए निकल गए , राजा के सामने पहुचने के बाद, राजा ने दोनों को कहा , तुम बहुत आलसी हो इसलिए तुम्हारे लिए एक काम है जिसमे तुम्हे ज्यादा मेहनत करने की जरुरत नहीं है |

तुम दोनों को guard की नौकरी करनी है | दोनों ने बोला ठीक है , तभी मंत्री जी बोले – तुम दोनों को बहुत सावधानी से कम करना होगा , क्युकी जहा तुम पहरेदारी करोगे वहा बहुत ही कीमती समान रखा हुआ है | दोनों ने हामी भर दी |

दोनों ने अपना काम संभल लिया , जैसे की वो अपनी आदत से मजबूर थे , वो दोनों आलस में सो गए | और उसी दिन महल में बहुत बड़ी चोरी हो गयी | वो जैसे ही उठे सामने मंत्री खड़ा था | मंत्री ने गुस्से में कहा – नालायको तुम्हारी वजह से आज महल में बहुत बड़ी चोरी हो गयी , तुम दोनों को इसकी सजा जरुर मिलेगी ,

और वो सजा मौत है | ये सुनकर दोनों बहुत घबराने लगे , दोनों राजा के सामने जाकर गिडगिडाने लगे | दोनों बोले आगे से हम कभी आलस नहीं करेंगे |motivational story in hindi

ये सुनकर राजा ने उनको माफ़ कर दिया | दोस्तों इस कहानी से हमें यही सिखने को मिलता है की हमें अपना काम करने के लिए कभी आलस नहीं करना चाहिए |

शिक्षा – आलस्य को छोड़ दे |

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