home घरेलु नुस्खे jaundice in hindi| पीलिया के घरेलु नुस्खे और रोकथाम के उपाय |

jaundice in hindi| पीलिया के घरेलु नुस्खे और रोकथाम के उपाय |

jaundice in hindi

क्या आपके भी आँखे हमेशा पिली रहती है ? क्या आपके नाख़ून और आपका मूत्र हमेशा गहरे पीले रंग का होता है ? अगर आपको ये सब लक्ष्ण दिखे तो पूरी सम्भावना है की आपको पीलिया जिसे jaundice कहते है हो सकता है |इसका प्रमुख कारन है आपके रक्त में बिलीरूबीन का बढ़ जाना |जिससे आपकी त्वचा, नाखून और आँखे पीली  नजर आने लगती है, इसे को सामान्य भाषा में पीलिया या जॉन्डिस कहते हैं।

पीलिया को सब लोग हलके में लेते है ,लेकिन आपको बता दू की आप इसका अगर सही से इलाज नहीं करवाते है तो ये आपके लिए जानलेवा हो सकता है , और इसके बहुत से case आये है जिसमे पीलिया से लोगो की जान गयी है। इस बीमारी का सीधा सम्बन्ध लीवर से है और मुझे बताने की जरुरत नहीं है की लीवर हमारे लिए कितना महत्वपूर्ण अंग है |

हमारे शरीर को चलाने के लिए जो खाना खाते है उसके पाचन के लिए लीवर की अहम भूमिका होती है , ये रोग ज्यादातर नवजात शिशुओं में होता है , लेकिन ऐसा जरुरी नहीं है , ये बड़े व्यस्क को भी हो सकता है | आगे आप जानेंगे ये क्या होता है , इसके क्या कारन है , और इसके उपचार क्या है ? तो बने रहिये आप इस आर्टिकल के साथ |

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पीलिया क्या है और ये क्यों होता है | about jaundice in hindi

meaning of jaundice in hindi

पीलिया एक गंभीर जानलेवा बीमारी है ,इसके होने पे शरीर पिला पड़ जाता है |इसके कुछ लक्षणों में आँख ,नाख़ून ,और मूत्र का पिला हो जाना, बुखार होना ,थकान, शारीरिक कमजोरी इसके कुछ मुख्य लक्ष्ण है | पीलिया होने का मुख्य कारण शरीर में पाया जाने वाला पीले रंग का पदार्थ बिलीरूबीन जो आपके रक्त कोशिकाओ में पाया जाता है |आपको पता है की शरीर में लाखो कोशिकाए बनती और बिगडती है |

इसी तरह जब रक्त की ये कोशिकाए मर जाती है तो लीवर इनको अपने अंदर से बहार निकल देता है |लेकिन लीवर में कुछ समस्या आने के कारन लीवर अपना ये काम नहीं कर पता है ,

जिससे लीवर में बिलीरूबीन बढ़ने लगता है , इस कारन से हमारी त्वचा , आँख , नाख़ून सब पीले हो जाते है |बच्चो में ये ज्यादा होता है , व्यस्को के मुकाबले , क्युकी उनके शरीर का अभी विकास हो रहा होता है , तो इसमे कुछ भी interfare होता है तो पीलिया हो सकता है , लेकिन व्यस्को में चूँकि शरीर का विकास पूरा हो चूका होता है , तो इसके चांस कम होते है |इसके कुछ और सामान्य कारन निम्न होते है –

  • हेपेटाइटिस
  • बाइल डक्ट का बंद होना
  • एल्कोहल से संबधी लिवर की बीमारी
  • कुछ दवाओं के चलते भी ये समस्या हो सकती है।
  • पैंक्रियास का कैंसर

पीलिया कितने प्रकार का होता है ?

पीलिया मुख्यत 3 प्रकार का होता है |

1.हेमोलिटिक पीलिया – ये पीलिया तब होता है जब आपकी लाल रक्त कोशिकाए समय से पहले मर जाये , इससे आपके लीवर में बहुत अधिक बिलीरूबीन बढ़ जाता है ,जिससे आपका लीवर इतने बिलीरुबिन को फ़िल्टर नहीं कर पता , जिससे आपकी आँखे , हाथ और नाख़ून पीले हो जाते है, ये आनुवंशिक भी हो सकता है या आपके किसी दवाई के दुष्प्रभाव के कारण भी हो सकता है |

2. हेपेटोसेलूलर पीलिया – ये पीलिया तब होता है जब आपकी लीवर की कोशिकाए पूरी तरह से विकसित नहीं होती (खासकर छोटे बच्चो और नवजात में ) तब ये होता है | क्युकी कोशिकाए पूरी तरह से विकसित न होने के कारण बिलीरुबिन के सही स्तर को हमारा लीवर मेन्टेन नहीं कर पाता है | जिस कारण ये पीलिया होता है |

3. पोस्ट हिपेटिक पीलिया- ये पीलिया तब होता है जब आपकी पित्त की नलिका में रूकावट आ जाती है , जिस कारण बिलीरुबिन अनियंत्रित तरीके से बढ़ने लगता है , और ये मूत्र में मिलने लगता है ,जिससे आपके मूत्र का रंग पिला हो जाता है और ये पीलिया आपको हो जाता है |

पीलिया के क्या लक्षण है | symptoms of jaundice in hindi

इसके कुछ सामान्य आपको में बता रहा हु | लेकिन जैसे की आप जानते है सभी बीमारियों में लगभग सामान हे लक्ष्ण होते है , लेकिन हा सभी अलग अलग बीमारियों का एक स्पष्ट लक्ष्ण होता है , तो पीलिया का स्पष्ट लक्ष्ण जैसे की नाम से ही पता चल रहा है , पिला रंग , मतलब अगर शरीर का अंग कोई भी पिला दिखे तो पीलिया हो सकता है |

  • त्वचा, नाखून और आंख का तेजी से पीला होना |
  • मरीज को ठंड लगती है, और बाद में कम्कम्पी में बुखार आता है, उल्टियां भी आने लगती हैं।
  • फ्लू जैसे लक्षण दिखाई देना-
  • गाढ़ा/पीला पेशाब होना
  • लिवर की सभी बीमारियों की तरह मितली आना,
  • लगातार थकान महसूस करना
  • पेट दर्द, भूख न लगना और खाना न हजम होना जैसे लक्षण भी दिखाई देते हैं।

पीलिया होने पर क्या जाँच करवाए| treatment of jaundice in hindi

अगर आपको मेरे द्वारा बताये गए लक्षणों के आधार पर अगर आपको लगे की आपको पीलिया हुआ है तो बिना देर किये सीधे तुरंत डॉक्टर से मिलना चाहिए। डॉक्टर आपकी शारीरिक जाँच करेगा जिससे उसको पता चल सके की ये पीलिया ही है इसमे खासकर वो आपकी आंखों और त्वचा के रंग को बारीकी से जाँच करता है , जिससे बाद में कोई चुक न जिससे नुकसान उठाना पड़े। इसके बाद डॉक्टर की सलाह पर आपको निम्न टेस्ट करने चाहिए |jaundice in hindi

  • बिलीरूबिन टेस्ट,
  • फुल ब्लड काउंट (एफबीसी)
  • कम्प्लीट ब्लड काउंट (सीबीसी)
  • हेपेटाइटिस ए, बी और सी के टेस्ट कराएं।

इसके अलावा जरुरत पढने पर आपकी आपकी MRI या ULTRASOUND किया जा सकता है , जिससे डॉक्टर को लीवर की स्थिति का पता चल सके | तो आपको पता चल गया है की पीलिया क्या होता है ? क्यों होता है ? और इसके उपचार हेतु क्या क्या टेस्ट किये जा सकते है | jaundice in hindi

अभी बात करते है इसके कुछ घरेलु उपाय की , क्युकी इसका इलाज तो अभी चालू हुआ है पुराने समय में तो घरेलु नुस्खो से ही इसका इलाज किया जाता था |लेकिन अगर आपका jaundice पुराना है तो आप ये घरेलु नुस्खे न आजमाकर सीधे डॉक्टर से मिले , वो आपका अच्छे से जाँच करके उचित दवाई दे सकते है |

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पीलिया के कुछ घरेलु नुस्खे | diet for jaundice in hindi

1.प्याज़ आपके सभी के घरो में अक्सर मिल जाता है | प्याज़ आपके पीलिया में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है |आप प्याज़ को अपने दैनिक जीवन में जरुर शामिल करे | प्याज़ को आप सब्जी में डालकर ,या फिर उसको कच्चा भी खा सकते है | पीलिये में फायदे के लिए आप प्याज़ को कटकर उसपे काली मिर्च लगा कर , थोडा निम्बू डालकर साथ में स्वादानुसार काला नमक भी डाल दे और इसे दिन में 2 बार ले , आपको फायदा होगा |

2. टमाटर भी पीलिया में लाभकारी माना जाता है | इसे भी खाने के बहुत तरीके है ,आप कच्चा खा सकते है सलाद के रूप में या सब्जी में डालकर खा सकते है |इसके अलावा आप इसका रस भी निकल सकते है | इसके रस को निकालकर आप इसमे काली मिर्च , थोडा निम्बू और काला नमक डालकर खाए | आपको फायदा होगा |

3. चने की दाल सबके यहाँ मिल जाएगी | आप ऐसा करे इसको रात को पानी में भिगोकर रखदे | सुबह उठने के बाद दाल को पानी से बाहर निकल कर आप इसे गुड के साथ सेवन करे |आपको फायदा होगा |

4. इमली के बारेआप सबको पता होगी ,लेकिन शायद आपको इसके फायदे के बारे में नही जानते होंगे |इमली में कुछ ऐसे योगिक होते है जो आपके पीलिया को ठीक कर सकता है |

5. मुली के पत्ते आपके इस रोग में बहुत अच्छा फायदा पहुचाते है , मुली के पत्ते की सब्जी बना के खा सकते है या इसका रस निकल कर पि सकते है |

6. नीम पीलिया में काफी अच्छे गुण दिखाता है | आप नीम को सीधे सुबह खली पेट 5-6 ताजे पत्ते खा सकते है| अगर आप पत्ते नहीं खा सकते है तो नीम का रस निकाल कर पि सकते है | ये आपके रक्त को शुद्ध करेगा ,साथ ही ये बिलीरूबीन के बढे हुए स्तर को सामान्य करता है |

7. गोभी की सब्जी तो आप खाते ही होंगे , ये भी पीलिया में काफी फायदेमंद होती है | आप गोभी और गाजर दोनों को लेके इनकी सब्जी बना के या इनका रस निकल कर पि सकते है | ये दोनों रक्त की अशुद्धियो को बाहर निकालते है |

8.पीलिया में विटामिन c से भरपूर फल और सब्जियों को खाना चाहिए | विटामिन c से भरपूर जैसे निम्बू , संतरा आदि का रस निकल कर पिए इससे पीलिया में काफी लाभ होता है |

9. चूँकि आपका लीवर कमजोर है इसलिए अभी आपको हल्का भोजन ही करना चाहिए , जिससे अच्छे से पाचन हो सके | हल्का भोजन जैसे दलिया , खिचड़ी ,उबली हुयी सब्जिय , इसके अलावा आप मीठे में गुड खा सकते है | डेरी प्रोडक्ट जैसे की दूध से बनी मिठाई , पनीर आदि कुछ समय के लिए बंद करदे |

10. आपको पानी पूरी मात्रा में पीना चाहिए जिससे आपके शरीर में पानी की कमी नहीं हो , और दूषित पानी नहीं पिए वरना आपकी समस्या ज्यादा हो सकती है , शुद्ध पानी पिए घर के मटके का |

11. आप सभी को त्रिफला का तो पता ही होगा , जिसमे आमला ,हरड, बहेड़ा होता है | ये चूर्ण आपको किसी भी आयुर्वेदिक shop पे मिल जाएगी , इसके चूर्ण को रात को पानी में भिगोकर रख दे और सुबह उस पानी को छानकर पीले | ये पीलिया में आपके पाचन को ठीक करेगा साथ ही आपके लीवर को शक्ति देगा |

दोस्तों अभी बात करते है आपको पीलिया हो ही नहीं इसके लिए आपको क्या करना चाहिए |निचे में कुछ आपको जरुरी बाते बताने वाला हु , जिसे आजमा के आप इसकी रोकथाम कर सकते है |

1.सबसे पहला उपाय तो यही है की आप बच्चे के जनम के समय ही इसका टिका लगा दे ,आजकल सरकार खुद टीकाकरण कराती है अकदम मुफ्त में , इसलिए आप किसी भी सरकारी हॉस्पिटल में जाके इसका टिका लगा सकते है |

2. बहुत ज्यादा शराब का सेवन नहीं करे , और में तो यही कहूँगा की शराब का सेवन आपको बिलकुल नहीं करना चाहिए | इससे आपके लीवर पे बहुत बुरा असर पड़ता है , इसलिए शराब को बिलकुल त्याग दे |

3. बाहर का दूषित खाना बिलकुल न खाए , क्युकी बाहर के खाने में बहुत अधिक सम्भावना होती है पीलिया के की क्युकी ये सब खुले पड़े रहते है और साफ़ सफाई की तरफ इतना धयान नहीं देते है | इसलिए घर का बना हमेशा शुद्ध खाना खाए |

4. पानी हमेशा शुद्ध पिए और हो सके तो इसको पूरा उबालकर पिए जिससे किसी तरह के बैक्टीरिया का सक्रमण न हो |क्युकी यही सक्रमण आगे जाकर आपके पीलिया में बदल जाते है |

5. पीलिये को आप हलके में ला लेवे , इसके थोड़े से लक्ष्ण अगर आपको दिखे तो आप जल्द से जल्द डॉक्टर से मिले ,क्युकी अगर ये विकट हो जाये तो इसका परिणाम लीवर फ़ैल होता है , इसलिए इसका निदान जल्द से जल्द किया जाना चाहिए |

निष्कर्ष

तो दोस्तों अभी अंत में आपको यही बोलना चाहूँगा की पीलिया एक गंभीर बीमारी है , इसके लिए आप अपने नवजात का टीकाकरण जरुर करवाए जो किसी भी सरकारी हॉस्पिटल में अकदम निशुल्क है |

पीलिया से होने वाली मौत का आंकड़ा भी अधिक है क्युकी शुरुआत में लोग इसे सामान्य समझ लेते है लेकिन जब ये बड़ी हो जाती है तब डॉक्टर के पास जाते है , अब डॉक्टर कोई भगवान् तो है नहीं , वो भी इंसान जितनी ही कोशिश कर सकते है , इसलिए इसका इलाज जितना जल्दी आप करवाए उतना बढ़िया है | jaundice in hindi

और हा एक बात और मेरे द्वारा बताई गयी सभी नुस्खे सामान्य स्थिति में तो ठीक है , लेकिन अगर आपको समस्या ज्यादा है तो ये नुस्खे आपके कम नहीं आयेंगे , इसके लिए आपको सीधे डॉक्टर से मिलना चाहिए |आर्टिकल पढने के बाद अगर आपकी थोड़ी सी भी मदद हुयी है तो आप इसको अपने दोस्तो के साथ जरुर शेयर करे | निचे आपके सुझाव हमें जरुर देवे |

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